| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 110: रावण की स्त्रियों का विलाप » श्लोक 17 |
|
| | | | श्लोक 6.110.17  | एवं वदन्त्यो रुरुदुस्तस्य ता दु:खिता: स्त्रिय:।
भूय एव च दु:खार्ता विलेपुश्च पुन: पुन:॥ १७॥ | | | | | | अनुवाद | | ऐसा कहकर रावण की दुःखी पत्नियाँ अत्यन्त विलाप करने लगीं और शोक से अभिभूत होकर बार-बार विलाप करने लगीं॥17॥ | | | | Saying these things, Ravana's sorrowful wives began to weep profusely and, overwhelmed with grief, they began to lament again and again.॥ 17॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|