| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 110: रावण की स्त्रियों का विलाप » श्लोक 16 |
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| | | | श्लोक 6.110.16  | यो न शक्य: सुरैर्हन्तुं न यक्षैर्नासुरैस्तथा।
सोऽयं कश्चिदिवासत्त्वो मृत्युं मर्त्येन लम्भित:॥ १६॥ | | | | | | अनुवाद | | जो देवता, असुर और यक्षों के लिए भी अजेय था, वह दुर्बल प्राणी के समान मनुष्य के हाथों मृत्यु को प्राप्त हुआ।॥16॥ | | | | He who was invincible even for the Gods, Asuras and Yakshas, met death at the hands of a human being like a weak creature.'॥ 16॥ | | ✨ ai-generated | | |
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