| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 110: रावण की स्त्रियों का विलाप » श्लोक 15 |
|
| | | | श्लोक 6.110.15  | अवध्यो देवतानां यस्तथा दानवरक्षसाम्।
हत: सोऽयं रणे शेते मानुषेण पदातिना॥ १५॥ | | | | | | अनुवाद | | जिन्हें देवता, दानव और राक्षस भी नहीं मार सके, वे आज एक पैदल सैनिक द्वारा मारे जाकर युद्धभूमि में सो रहे हैं॥15॥ | | | | ‘Those who could not be killed even by gods, demons and monsters, are today sleeping on the battlefield after being killed by a mere footman.॥ 15॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|