श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 11: रावण और उसके सभासदों का सभाभवन में एकत्र होना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.11.19 
राक्षसास्तद्वच: श्रुत्वा लङ्कायां परिचक्रमु:।
अनुगेहमवस्थाय विहारशयनेषु च।
उद्यानेषु च रक्षांसि चोदयन्तो ह्यभीतवत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
रावण का यह आदेश सुनकर वे राक्षस लंका में सर्वत्र घूमने लगे। वे प्रत्येक घर, विश्रामस्थान, शयनगृह और उद्यान में जाकर निर्भय होकर उन सब राक्षसों को राजसभा में आने के लिए आग्रह करने लगे॥19॥
 
On hearing this order of Ravan, those demons started roaming everywhere in Lanka. They went to each and every house, recreation area, bedroom and garden and fearlessly started urging all those demons to come to the royal court.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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