Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.109.21: हे प्रभु! पूर्वकाल में युद्ध के समय जिसे इन्द्र आदि समस्त देवता भी पीछे नहीं हटा पाते थे, वही रावण आज रणभूमि में आपसे भिड़कर ऐसे शान्त हो गया, जैसे समुद्र तट पर पहुँचकर शान्त हो जाता है॥ 21॥ | ramayan सर्ग 6.109: विभीषण का विलाप और श्रीराम का उन्हें समझाकर रावण के अन्त्येष्टि संस्कार के लिये आदेश देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! पूर्वकाल में युद्ध के समय जिसे इन्द्र आदि समस्त देवता भी पीछे नहीं हटा पाते थे, वही रावण आज रणभूमि में आपसे भिड़कर ऐसे शान्त हो गया, जैसे समुद्र तट पर पहुँचकर शान्त हो जाता है॥ 21॥
O Lord! In the past, during the times of war, the same Ravana who was never pushed back by even Indra and all the gods, after clashing with you on the battlefield today, became calm like the sea becomes calm after reaching its shore.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥