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ramayan 6.109.19: "शास्त्रों के इस निष्कर्ष पर विचार करके सात्त्विक बुद्धि का आश्रय लेकर चिंतामुक्त हो जाओ। अब आगे जो भी कार्य (भूत-अनुष्ठान आदि) करना हो, उस पर विचार करो।" ॥19॥   |   ramayan सर्ग 6.109: विभीषण का विलाप और श्रीराम का उन्हें समझाकर रावण के अन्त्येष्टि संस्कार के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 109: विभीषण का विलाप और श्रीराम का उन्हें समझाकर रावण के अन्त्येष्टि संस्कार के लिये आदेश देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.109.19 
तदेवं निश्चयं दृष्ट्वा तत्त्वमास्थाय विज्वर:।
यदिहानन्तरं कार्यं कल्प्यं तदनुचिन्तय॥ १९॥
 
 
अनुवाद
"शास्त्रों के इस निष्कर्ष पर विचार करके सात्त्विक बुद्धि का आश्रय लेकर चिंतामुक्त हो जाओ। अब आगे जो भी कार्य (भूत-अनुष्ठान आदि) करना हो, उस पर विचार करो।" ॥19॥
 
"After pondering over this conclusion of the scriptures, take shelter of a Sattvik intellect and become free of worries. Now think about whatever work (ghost rituals etc.) is to be done next." ॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)