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ramayan 6.109.12: जिसके पूंछ, कूबड़ और सींग थे, जो शत्रुओं पर विजय पाने वाला था, जो वीरता और उत्साह दिखाने में वायु के समान था, जिसके नेत्र और कान फुर्तीले थे, उस राक्षसराज रावणरूपी बैल को महाराज रामरूपी व्याघ्र ने मार डाला और नष्ट कर दिया!॥12॥   |   ramayan सर्ग 6.109: विभीषण का विलाप और श्रीराम का उन्हें समझाकर रावण के अन्त्येष्टि संस्कार के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.109.12 
सिंहर्क्षलाङ्गूलककुद्विषाण:
पराभिजिद‍्गन्धनगन्धवाह:।
रक्षोवृषश्चापलकर्णचक्षु:
क्षितीश्वरव्याघ्रहतोऽवसन्न:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जिसके पूंछ, कूबड़ और सींग थे, जो शत्रुओं पर विजय पाने वाला था, जो वीरता और उत्साह दिखाने में वायु के समान था, जिसके नेत्र और कान फुर्तीले थे, उस राक्षसराज रावणरूपी बैल को महाराज रामरूपी व्याघ्र ने मार डाला और नष्ट कर दिया!॥12॥
 
The demon soldier who had a tail, hump and horns, who was victorious over the enemies and who was like the wind in displaying valour and enthusiasm, who had eyes and ears of agility, that bull in the form of the demon king Ravana was killed and destroyed by the tiger in the form of Maharaja Rama!'॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)