Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.107.62: श्री रघुनाथजी इतने चिंतित होने पर भी युद्धभूमि में सतर्क रहे और रावण की छाती पर बाणों की वर्षा की।   |   ramayan सर्ग 6.107: श्रीराम और रावण का घोर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 107: श्रीराम और रावण का घोर युद्ध  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  6.107.62 
इति चिन्तापरश्चासीदप्रमत्तश्च संयुगे।
ववर्ष शरवर्षाणि राघवो रावणोरसि॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी इतने चिंतित होने पर भी युद्धभूमि में सतर्क रहे और रावण की छाती पर बाणों की वर्षा की।
 
Despite being so worried, Shri Raghunath remained alert on the battlefield. He showered arrows on Ravana's chest. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)