Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.107.11: रावण की ध्वजा पर निशाना साधकर उसने एक तीक्ष्ण बाण छोड़ा, जो विशाल सर्प के समान असह्य था और अपनी चमक से प्रज्वलित हो रहा था।   |   ramayan सर्ग 6.107: श्रीराम और रावण का घोर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 107: श्रीराम और रावण का घोर युद्ध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.107.11 
रावणध्वजमुद्दिश्य मुमोच निशितं शरम्।
महासर्पमिवासह्यं ज्वलन्तं स्वेन तेजसा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
रावण की ध्वजा पर निशाना साधकर उसने एक तीक्ष्ण बाण छोड़ा, जो विशाल सर्प के समान असह्य था और अपनी चमक से प्रज्वलित हो रहा था।
 
Aiming at Ravana's flag he shot a sharp arrow, as unbearable as a huge serpent and blazing with his brilliance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)