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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन
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श्लोक 29
श्लोक
6.106.29
निपेतुरिन्द्राशनय: सैन्ये चास्य समन्तत:।
दुर्विषह्यस्वरा घोरा विना जलधरोदयम्॥ २९॥
अनुवाद
उसकी सेना पर चारों ओर से भयंकर बिजली गिरी, बिना बादलों के, कठोर एवं असहनीय शब्द के साथ ॥29॥
Terrible lightning struck his army from all sides, without any clouds, and with a harsh and unbearable sound. ॥29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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