श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.106.19 
ततो देवा: सगन्धर्वा: सिद्धाश्च परमर्षय:।
समीयुर्द्वैरथं द्रष्टुं रावणक्षयकांक्षिण:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उस समय रावण का नाश करने की इच्छा रखने वाले देवता, सिद्ध, गन्धर्व और महर्षि उन दोनों का द्वन्द्वयुद्ध देखने के लिए वहाँ एकत्र हुए॥19॥
 
At that time, the gods, Siddhas, Gandharvas and Maharishis who wanted to destroy Ravana gathered there to watch the duel between them. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)