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ramayan 6.105.27: महाबाहो! ‘तुम अभी इसी क्षण रावण को मार सकोगे।’ ऐसा कहकर अगस्त्य जिस प्रकार आये थे, उसी प्रकार चले गये॥ 27॥   |   ramayan सर्ग 6.105: अगस्त्य मुनि का श्रीराम को विजय के लिये “आदित्यहृदय” के पाठ की सम्मति देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.105.27 
अस्मिन् क्षणे महाबाहो रावणं त्वं जहिष्यसि।
एवमुक्त्वा ततोऽगस्त्यो जगाम स यथागतम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! ‘तुम अभी इसी क्षण रावण को मार सकोगे।’ ऐसा कहकर अगस्त्य जिस प्रकार आये थे, उसी प्रकार चले गये॥ 27॥
 
Mahabaho! 'You will be able to kill Ravana this very moment.' Saying this, Agastya went away in the same manner in which he had come.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)