Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.105.19: (परमरूप में) आप ब्रह्मा, शिव और विष्णु के स्वामी हैं। सूर्य आपका नाम है, यह सौरमण्डल आपका तेज है, आप प्रकाश से परिपूर्ण हैं, सब कुछ भस्म करने वाली अग्नि आपका स्वरूप है, आप भयंकर रूप धारण करते हैं; आपको नमस्कार है॥19॥ | ramayan सर्ग 6.105: अगस्त्य मुनि का श्रीराम को विजय के लिये “आदित्यहृदय” के पाठ की सम्मति देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(परमरूप में) आप ब्रह्मा, शिव और विष्णु के स्वामी हैं। सूर्य आपका नाम है, यह सौरमण्डल आपका तेज है, आप प्रकाश से परिपूर्ण हैं, सब कुछ भस्म करने वाली अग्नि आपका स्वरूप है, आप भयंकर रूप धारण करते हैं; आपको नमस्कार है॥19॥
‘(In the Supreme form) You are the master of Brahma, Shiva and Vishnu. Surya is your name, this solar system is your brilliance, you are full of light, the fire that consumes everything is your form, you assume a fierce form; salutations to you.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥