Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.105.18: (अभक्तों के लिए भयंकर), वीर (शक्तिशाली) और रंगबिरंगे (तेज) सूर्यदेव को नमस्कार है। कमलों को विकसित करने वाले भयंकर योद्धा मार्तण्ड को नमस्कार है। 18॥ | ramayan सर्ग 6.105: अगस्त्य मुनि का श्रीराम को विजय के लिये “आदित्यहृदय” के पाठ की सम्मति देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(अभक्तों के लिए भयंकर), वीर (शक्तिशाली) और रंगबिरंगे (तेज) सूर्यदेव को नमस्कार है। कमलों को विकसित करने वाले भयंकर योद्धा मार्तण्ड को नमस्कार है। 18॥
‘Salutations to the fierce (terrible for non-devotees), brave (powerful) and colorful (swift) Sun God. Salutations to Martand, the fierce warrior who develops lotuses. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥