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ramayan 6.104.9: यदि तुम बहुत समय तक मेरे पास रहे हो और मेरे गुणों का स्मरण करते हो, तो शीघ्र ही मेरा यह रथ वापस ले जाओ। अन्यथा मेरा शत्रु भाग जाएगा।॥9॥   |   ramayan सर्ग 6.104: रावण का सारथि को फटकारना और सारथि का अपने उत्तर से रावण को संतुष्ट करके उसके रथ को रणभूमि में पहुँचाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 104: रावण का सारथि को फटकारना और सारथि का अपने उत्तर से रावण को संतुष्ट करके उसके रथ को रणभूमि में पहुँचाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.104.9 
निवर्तय रथं शीघ्रं यावन्नापैति मे रिपु:।
यदि वाध्युषितोऽसि त्वं स्मर्यते यदि मे गुण:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम बहुत समय तक मेरे पास रहे हो और मेरे गुणों का स्मरण करते हो, तो शीघ्र ही मेरा यह रथ वापस ले जाओ। अन्यथा मेरा शत्रु भाग जाएगा।॥9॥
 
If you have stayed with me for a long time and if you remember my qualities, then take this chariot of mine back quickly. Otherwise my enemy may escape.'॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)