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ramayan 6.104.14: जैसे चन्द्रमा के उदय होने पर समुद्र का जल नदी के वेग को रोक देता है, वैसे ही मैं तुम्हें युद्धभूमि से तुम्हारे रथ को लौटा देने का कारण बताता हूँ। कृपया सुनो॥14॥   |   ramayan सर्ग 6.104: रावण का सारथि को फटकारना और सारथि का अपने उत्तर से रावण को संतुष्ट करके उसके रथ को रणभूमि में पहुँचाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 104: रावण का सारथि को फटकारना और सारथि का अपने उत्तर से रावण को संतुष्ट करके उसके रथ को रणभूमि में पहुँचाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.104.14 
श्रूयतां प्रति दास्यामि यन्निमित्तं मया रथ:।
नदीवेग इवाम्भोभि: संयुगे विनिवर्तित:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
जैसे चन्द्रमा के उदय होने पर समुद्र का जल नदी के वेग को रोक देता है, वैसे ही मैं तुम्हें युद्धभूमि से तुम्हारे रथ को लौटा देने का कारण बताता हूँ। कृपया सुनो॥14॥
 
Just as the sea waters rise due to the rising moon turns back the speed of the river, similarly I am telling you the reason why I have turned your chariot back from the battlefield. Please listen.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)