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ramayan 6.104.1: रावण काल ​​की शक्ति से प्रेरित हो रहा था, इसलिए काल पर मोहित होकर वह अत्यंत क्रोधित हो गया और क्रोध से लाल-लाल नेत्रों से उसने अपने सारथि से कहा -॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.104: रावण का सारथि को फटकारना और सारथि का अपने उत्तर से रावण को संतुष्ट करके उसके रथ को रणभूमि में पहुँचाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 104: रावण का सारथि को फटकारना और सारथि का अपने उत्तर से रावण को संतुष्ट करके उसके रथ को रणभूमि में पहुँचाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.104.1 
स तु मोहात् सुसंक्रुद्ध: कृतान्तबलचोदित:।
क्रोधसंरक्तनयनो रावण: सूतमब्रवीत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
रावण काल ​​की शक्ति से प्रेरित हो रहा था, इसलिए काल पर मोहित होकर वह अत्यंत क्रोधित हो गया और क्रोध से लाल-लाल नेत्रों से उसने अपने सारथि से कहा -॥1॥
 
Ravana was being inspired by the power of Time, hence, being infatuated with time, he became extremely enraged and with his eyes turning red with rage, he said to his charioteer -॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)