श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.103.19 
दिष्टॺासि मम मन्दात्मंश्चक्षुर्विषयमागत:।
अद्य त्वां सायकैस्तीक्ष्णैर्नयामि यमसादनम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे मूर्ख! यह मेरा सौभाग्य है कि तू आज मेरे सामने आया है। मैं अपने तीखे बाणों से तुझे यमलोक भेज दूँगा॥19॥
 
‘You fool! It is my good fortune that you have come in front of me today. I will send you to Yamaloka with my sharp arrows.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)