Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.103.1: जब श्री रामजी ने क्रोधपूर्वक उसे बहुत कष्ट दिया, तब युद्ध की इच्छा रखने वाला रावण अत्यन्त क्रोधित हो उठा ॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.103.1 
स तु तेन तदा क्रोधात् काकुत्स्थेनार्दितो भृशम्।
रावण: समरश्लाघी महाक्रोधमुपागमत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
जब श्री रामजी ने क्रोधपूर्वक उसे बहुत कष्ट दिया, तब युद्ध की इच्छा रखने वाला रावण अत्यन्त क्रोधित हो उठा ॥1॥
 
When Sri Rama angrily tormented him greatly, Ravana, who desired war, became very angry. ॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)