Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.102.69: उन बाणों से रावण के सभी अंग घायल हो गए। उसके सम्पूर्ण शरीर से रक्त बहने लगा। उस समय अपनी सेना में खड़ा राक्षसराज रावण पुष्पों से लदे हुए अशोक वृक्ष के समान शोभा पा रहा था। | ramayan सर्ग 6.102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स शरैर्भिन्नसर्वाङ्गो गात्रप्रस्रुतशोणित:।
राक्षसेन्द्र: समूहस्थ: फुल्लाशोक इवाबभौ॥ ६९॥
अनुवाद
उन बाणों से रावण के सभी अंग घायल हो गए। उसके सम्पूर्ण शरीर से रक्त बहने लगा। उस समय अपनी सेना में खड़ा राक्षसराज रावण पुष्पों से लदे हुए अशोक वृक्ष के समान शोभा पा रहा था।
All the limbs of Ravana were injured by those arrows. Blood started flowing from his entire body. At that time, the demon king Ravana standing in his army looked like an Ashoka tree full of flowers. 69.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥