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ramayan 6.102.60: उस भयंकर और प्रज्वलित भाले को अपनी ओर आते देख परम पराक्रमी श्री राम ने अपना धनुष चढ़ाया और बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।   |   ramayan सर्ग 6.102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  6.102.60 
तच्छूलं राघवो दृष्ट्वा ज्वलन्तं घोरदर्शनम्।
ससर्ज विशिखान् रामश्चापमायम्य वीर्यवान्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
उस भयंकर और प्रज्वलित भाले को अपनी ओर आते देख परम पराक्रमी श्री राम ने अपना धनुष चढ़ाया और बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Seeing that terrible and blazing spear coming towards him, the most valiant Sri Rama, stretched his bow and began a shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)