श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  6.102.58 
तिष्ठेदानीं निहन्मि त्वामेष शूलेन राघव।
एवमुक्त्वा स चिक्षेप तच्छूलं राक्षसाधिप:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
"रघुवंश के राजकुमार! रुको, मैं इसी भाले से तुम्हारा वध करूँगा।" ऐसा कहकर राक्षसराज रावण ने श्री रघुनाथ जी पर भाला फेंका।
 
"Prince of the Raghu clan! Wait, I will kill you with this spear." Saying so, the demon king Ravana threw the spear at Shri Raghunath ji.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)