श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.102.46 
दशग्रीवं जयेत्याहुरसुरा: समवस्थिता:।
देवा राममथोचुस्ते त्वं जयेति पुन: पुन:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ खड़े राक्षसों ने दशग्रीव को संबोधित करके कहा, ‘रावण! तुम्हारी जय हो।’ उधर देवताओं ने श्री राम को पुकारा और बार-बार कहा, ‘रघुनंदन! तुम्हारी जय हो, तुम्हारी जय हो।’
 
The demons standing there addressed Dashagriva and said, 'Ravana! Victory to you.' On the other side the gods called out to Shri Ram and said repeatedly, 'Raghunandan! Victory to you, victory to you.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)