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ramayan 6.102.30-31: यह देखकर देवता, गन्धर्व, ऋषि और राक्षस दुःखी हो गए। श्री राम को दुःखी देखकर सिद्धों और महर्षियों के हृदय में भी बड़ी पीड़ा हुई। विभीषण सहित सभी वानर और युवक अत्यन्त दुःखी हो गए। 30-31॥   |   ramayan सर्ग 6.102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 30-31
 
 
श्लोक  6.102.30-31 
विषेदुर्देवगन्धर्वचारणा दानवै: सह॥ ३०॥
राममार्तं तदा दृष्ट्वा सिद्धाश्च परमर्षय:।
व्यथिता वानरेन्द्राश्च बभूवु: सविभीषणा:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर देवता, गन्धर्व, ऋषि और राक्षस दुःखी हो गए। श्री राम को दुःखी देखकर सिद्धों और महर्षियों के हृदय में भी बड़ी पीड़ा हुई। विभीषण सहित सभी वानर और युवक अत्यन्त दुःखी हो गए। 30-31॥
 
Seeing this, the gods, Gandharvas, bards and demons became sad. Seeing Shri Ram suffering, there was great pain in the hearts of the Siddhas and Maharishis also. All the monkeys and youths including Vibhishana became very sad. 30-31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)