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ramayan 6.102.28: महापराक्रमी श्री रामजी को हजारों बाणों से अनावश्यक रूप से पीड़ित करके उसने मातलि को भी अपने बाणों के समूहों से घायल कर दिया। 28.   |   ramayan सर्ग 6.102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.102.28 
तत: शरसहस्रेण राममक्लिष्टकारिणम्।
अर्दयित्वा शरौघेण मातलिं प्रत्यविध्यत॥ २८॥
 
 
अनुवाद
महापराक्रमी श्री रामजी को हजारों बाणों से अनावश्यक रूप से पीड़ित करके उसने मातलि को भी अपने बाणों के समूहों से घायल कर दिया। 28.
 
Having unnecessarily afflicted Sri Rama, the great performer, with thousands of arrows, he also wounded Matali with groups of his arrows. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)