श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.102.26 
ते तान् सर्वान् शराञ्जघ्नु: सर्परूपान् महाजवान्।
सुपर्णरूपा रामस्य विशिखा: कामरूपिण:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
भगवान राम द्वारा इच्छित रूप धारण करने वाले उन गरुड़रूपी बाणों ने रावण के समस्त वेगवान सर्परूपी बाणों को नष्ट कर दिया।
 
Those Garuda-shaped arrows, which took the form desired by Lord Rama, destroyed all the swift and fast snake-shaped arrows of Ravana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)