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ramayan 6.101.46: लक्ष्मण को भूमि से खड़ा देखकर वानर बहुत प्रसन्न हुए और ‘साधु-साधु’ कहकर उनकी स्तुति करने लगे॥46॥   |   ramayan सर्ग 6.101: श्रीराम का विलाप तथा हनुमान्जी की लायी हुर्इ ओषधि के सुषेण द्वारा किये गये प्रयोग से लक्ष्मण का सचेत हो उठना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 101: श्रीराम का विलाप तथा हनुमान्जी की लायी हुर्इ ओषधि के सुषेण द्वारा किये गये प्रयोग से लक्ष्मण का सचेत हो उठना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.101.46 
तमुत्थितं तु हरयो भूतलात् प्रेक्ष्य लक्ष्मणम्।
साधुसाध्विति सुप्रीता लक्ष्मणं प्रत्यपूजयन्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण को भूमि से खड़ा देखकर वानर बहुत प्रसन्न हुए और ‘साधु-साधु’ कहकर उनकी स्तुति करने लगे॥46॥
 
Seeing Lakshmana standing up from the ground, the monkeys became very happy and started praising him by saying 'Sadhu-Sadhu'. 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)