Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.101.37-38: ऐसा विचार करके महाबली हनुमानजी तुरन्त उस विशाल पर्वत पर पहुँचे और उसकी चोटी को तीन बार हिलाकर उसे उखाड़ दिया। उस पर नाना प्रकार के वृक्ष फल-फूल रहे थे। वानरों में श्रेष्ठ महाबली हनुमानजी ने उसे दोनों हाथों पर उठाकर तौल लिया। 37-38। | ramayan सर्ग 6.101: श्रीराम का विलाप तथा हनुमान्जी की लायी हुर्इ ओषधि के सुषेण द्वारा किये गये प्रयोग से लक्ष्मण का सचेत हो उठना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा विचार करके महाबली हनुमानजी तुरन्त उस विशाल पर्वत पर पहुँचे और उसकी चोटी को तीन बार हिलाकर उसे उखाड़ दिया। उस पर नाना प्रकार के वृक्ष फल-फूल रहे थे। वानरों में श्रेष्ठ महाबली हनुमानजी ने उसे दोनों हाथों पर उठाकर तौल लिया। 37-38।
Thinking so, the mighty Hanuman immediately reached that great mountain and uprooted it by shaking its peak three times. Various types of trees were blooming on it. The mighty Hanuman, the best of the monkeys, lifted it on both his hands and weighed it. 37-38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥