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ramayan 6.101.29-30h: श्री रामचन्द्रजी से ऐसा कहकर परम बुद्धिमान सुषेण ने पास खड़े हुए महाबली हनुमान्‌जी से कहा- 29 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.101: श्रीराम का विलाप तथा हनुमान्जी की लायी हुर्इ ओषधि के सुषेण द्वारा किये गये प्रयोग से लक्ष्मण का सचेत हो उठना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.101.29-30h 
एवमुक्त्वा महाप्राज्ञ: सुषेणो राघवं वच:॥ २९॥
समीपस्थमुवाचेदं हनूमन्तं महाकपिम्।
 
 
अनुवाद
श्री रामचन्द्रजी से ऐसा कहकर परम बुद्धिमान सुषेण ने पास खड़े हुए महाबली हनुमान्‌जी से कहा- 29 1/2॥
 
Saying this to Shri Ramchandraji, the most intelligent Sushen said to the great monkey Hanumanji standing nearby - 29 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)