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ramayan 6.101.17: 'मैं माता सुमित्रा की फटकार कैसे सहन कर पाऊँगा? माता कौशल्या और कैकेयी को क्या उत्तर दूँगा?'   |   ramayan सर्ग 6.101: श्रीराम का विलाप तथा हनुमान्जी की लायी हुर्इ ओषधि के सुषेण द्वारा किये गये प्रयोग से लक्ष्मण का सचेत हो उठना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.101.17 
उपालम्भं न शक्ष्यामि सोढुं दत्तं सुमित्रया।
किं नु वक्ष्यामि कौसल्यां मातरं किं नु कैकयीम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
'मैं माता सुमित्रा की फटकार कैसे सहन कर पाऊँगा? माता कौशल्या और कैकेयी को क्या उत्तर दूँगा?'
 
‘How will I be able to bear the rebuke given by mother Sumitra? What answer will I give to mother Kausalya and Kaikeyi?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)