Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.101.1-2: महाबली रावण ने अपने बल से वीर लक्ष्मण को युद्ध में परास्त कर दिया था। वह रक्त से लथपथ हो गया था। यह देखकर भगवान राम ने दुष्टबुद्धि रावण के साथ घोर युद्ध किया और उस पर बाणों की वर्षा करते हुए सुषेण से इस प्रकार कहा -॥1-2॥   |   ramayan सर्ग 6.101: श्रीराम का विलाप तथा हनुमान्जी की लायी हुर्इ ओषधि के सुषेण द्वारा किये गये प्रयोग से लक्ष्मण का सचेत हो उठना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 101: श्रीराम का विलाप तथा हनुमान्जी की लायी हुर्इ ओषधि के सुषेण द्वारा किये गये प्रयोग से लक्ष्मण का सचेत हो उठना  »  श्लोक 1-2
 
 
श्लोक  6.101.1-2 
शक्त्या निपातितं दृष्ट्वा रावणेन बलीयसा।
लक्ष्मणं समरे शूरं शोणितौघपरिप्लुतम्॥ १॥
स दत्त्वा तुमुलं युद्धं रावणस्य दुरात्मन:।
विसृजन्नेव बाणौघान् सुषेणमिदमब्रवीत्॥ २॥
 
 
अनुवाद
महाबली रावण ने अपने बल से वीर लक्ष्मण को युद्ध में परास्त कर दिया था। वह रक्त से लथपथ हो गया था। यह देखकर भगवान राम ने दुष्टबुद्धि रावण के साथ घोर युद्ध किया और उस पर बाणों की वर्षा करते हुए सुषेण से इस प्रकार कहा -॥1-2॥
 
The mighty Ravana had defeated the valiant Lakshmana in the battle with his power. He was drenched in blood. Seeing this, Lord Rama fought a fierce battle with the evil-minded Ravana and showered arrows on him and said to Sushen as follows -॥1-2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)