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ramayan 6.100.8: वे चन्द्रमा और सूर्य आदि ग्रहों के समान आकार वाले प्रकाशमान अस्त्र प्रकट होकर सर्वत्र गिरे। उनसे आकाश में प्रकाश फैल गया और समस्त दिशाएँ प्रकाशित हो गईं। 8॥   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.100.8 
तैरासीद् गगनं दीप्तं सम्पतद्भि: समन्तत:।
पतद्भिश्च दिशो दीप्ताश्चन्द्रसूर्यग्रहैरिव॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वे चन्द्रमा और सूर्य आदि ग्रहों के समान आकार वाले प्रकाशमान अस्त्र प्रकट होकर सर्वत्र गिरे। उनसे आकाश में प्रकाश फैल गया और समस्त दिशाएँ प्रकाशित हो गईं। 8॥
 
Those luminous weapons, shaped like planets like the Moon and the Sun, appeared and fell everywhere. From them light spread in the sky and all the directions came to light. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)