श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  6.100.59 
रामरावणमुक्तानामन्योन्यमभिनिघ्नताम्।
वराणां च शराणां च बभूव तुमुल: स्वन:॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
राम और रावण के छोड़े हुए उत्तम बाण एक दूसरे पर लगकर भयंकर शब्द उत्पन्न कर रहे थे ॥59॥
 
The excellent arrows shot by Rama and Ravana, striking each other, produced a dreadful sound. ॥ 59॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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