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ramayan 6.100.58: जैसे बादल जल की धारा बरसाते हैं, वैसे ही रावण श्री राम पर चमकते हुए बाणों और मूसलों की वर्षा करने लगा।   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.100.58 
तथा प्रदीप्तैर्नाराचैर्मुसलैश्चापि रावण:।
अभ्यवर्षत् तदा रामं धाराभिरिव तोयद:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
जैसे बादल जल की धारा बरसाते हैं, वैसे ही रावण श्री राम पर चमकते हुए बाणों और मूसलों की वर्षा करने लगा।
 
Just as a cloud pours down a torrent of water, Ravana began to shower shining arrows and pestles on Sri Rama. 58.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)