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ramayan 6.100.57: ऐसा कहकर भगवान राम सावधान हो गए और उन्होंने युद्धस्थल में दस सिर वाले रावण को अपने स्वर्ण मण्डित तीखे बाणों से घायल करना आरम्भ कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.100.57 
एवमुक्त्वा शितैर्बाणैस्तप्तकाञ्चनभूषणै:।
आजघान रणे रामो दशग्रीवं समाहित:॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर भगवान राम सावधान हो गए और उन्होंने युद्धस्थल में दस सिर वाले रावण को अपने स्वर्ण मण्डित तीखे बाणों से घायल करना आरम्भ कर दिया।
 
Having said this, Lord Rama became alert and began wounding the ten-headed Ravana on the battlefield with his sharp arrows decorated with gold.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)