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ramayan 6.100.54: ‘दुर्धार्ष वानरशिरोमणियो! अब तुम सब लोग पर्वत शिखरों पर बैठकर मेरे और रावण के बीच होने वाले इस युद्ध को सुखपूर्वक देखो॥54॥   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.100.54 
सुखं पश्यत दुर्धर्षा युद्धं वानरपुङ्गवा:।
आसीना: पर्वताग्रेषु ममेदं रावणस्य च॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
‘दुर्धार्ष वानरशिरोमणियो! अब तुम सब लोग पर्वत शिखरों पर बैठकर मेरे और रावण के बीच होने वाले इस युद्ध को सुखपूर्वक देखो॥54॥
 
‘Durdhaarsh Vanarshiromaniyo! Now you all sit on the mountain peaks and watch this war between me and Ravana happily. 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)