Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.100.51-52: जिस पापी रावण के लिए मैं यह विशाल वानरों की सेना लेकर आया हूँ, जिसके कारण मैंने युद्ध में बालि को मारकर सुग्रीव को राजा बनाया और जिसके उद्देश्य से मैंने समुद्र पर सेतु बनाकर उसे पार किया, वही आज युद्ध में मेरे सामने उपस्थित है। वह मेरे सामने आकर अब जीवित रहने के योग्य नहीं है॥ 51-52॥ | ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस पापी रावण के लिए मैं यह विशाल वानरों की सेना लेकर आया हूँ, जिसके कारण मैंने युद्ध में बालि को मारकर सुग्रीव को राजा बनाया और जिसके उद्देश्य से मैंने समुद्र पर सेतु बनाकर उसे पार किया, वही आज युद्ध में मेरे सामने उपस्थित है। वह मेरे सामने आकर अब जीवित रहने के योग्य नहीं है॥ 51-52॥
The sinner Ravana for whom I have brought this huge army of monkeys with me, because of whom I killed Vali in the war and made Sugreev the king, and for whose purpose I built a bridge over the sea and crossed it, is present before my eyes today in the war. He is no longer fit to live after coming in my sight.॥ 51-52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥