Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.100.49-50: ‘मेरे राज्य का नाश, वन में निवास, दण्डकारण्य में भटकना, राक्षस द्वारा विदेह राजकुमारी सीता का हरण तथा राक्षसों के साथ युद्ध - इन सबके कारण मुझे नरक के समान महान् दुःख और कष्ट सहना पड़ा है; परंतु आज युद्धभूमि में रावण को मारकर मैं इन सब दुःखों से मुक्त हो जाऊँगा॥ 49-50॥ | ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘मेरे राज्य का नाश, वन में निवास, दण्डकारण्य में भटकना, राक्षस द्वारा विदेह राजकुमारी सीता का हरण तथा राक्षसों के साथ युद्ध - इन सबके कारण मुझे नरक के समान महान् दुःख और कष्ट सहना पड़ा है; परंतु आज युद्धभूमि में रावण को मारकर मैं इन सब दुःखों से मुक्त हो जाऊँगा॥ 49-50॥
‘The destruction of my kingdom, living in the forest, running around in Dandakaranya, the abduction of Videha princess Sita by a demon and the battle with the demons - because of all these I have had to endure immense sorrow and suffering like hell; but today by killing Ravana on the battlefield I will be relieved of all these sorrows.॥ 49-50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥