Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.100.46: हे वानरों! तुम सब इसी प्रकार लक्ष्मण को चारों ओर से घेरकर खड़े हो जाओ। अब वह अवसर आ गया है जब मैं वह वीरता प्रदर्शित करूँ जिसकी मुझे बहुत समय से अभिलाषा थी। | ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लक्ष्मणं परिवार्यैवं तिष्ठध्वं वानरोत्तमा:।
पराक्रमस्य कालोऽयं सम्प्राप्तो मे चिरेप्सित:॥ ४६॥
अनुवाद
हे वानरों! तुम सब इसी प्रकार लक्ष्मण को चारों ओर से घेरकर खड़े हो जाओ। अब वह अवसर आ गया है जब मैं वह वीरता प्रदर्शित करूँ जिसकी मुझे बहुत समय से अभिलाषा थी।
O monkeys! You all should stand like this surrounding Lakshman from all sides. Now the opportunity has come for me to display that heroic deed which I had been wanting for a long time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥