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ramayan 6.100.44: जब श्री रामचन्द्रजी लक्ष्मण के शरीर से शक्ति निकाल रहे थे, तब महाबली रावण उनके शरीर के सब अंगों पर भेदी बाणों की वर्षा करता रहा॥44॥   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.100.44 
तस्य निष्कर्षत: शक्तिं रावणेन बलीयसा।
शरा: सर्वेषु गात्रेषु पातिता मर्मभेदिन:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
जब श्री रामचन्द्रजी लक्ष्मण के शरीर से शक्ति निकाल रहे थे, तब महाबली रावण उनके शरीर के सब अंगों पर भेदी बाणों की वर्षा करता रहा॥44॥
 
When Shri Ramchandraji was extracting strength from Lakshmana's body, the mighty Ravana kept showering piercing arrows on all his body parts. 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)