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स मुहूर्तमिव ध्यात्वा बाष्पपर्याकुलेक्षण:।
बभूव संरब्धतरो युगान्त इव पावक:॥ ३८॥
अनुवाद
वह कुछ क्षण तक विचारमग्न रहा, फिर उसकी आँखों में आँसू भर आए और वह प्रलयकाल में प्रज्वलित अग्नि के समान अत्यंत क्रोधित हो उठा।
He remained lost in thought for a few moments. Then, his eyes filled with tears and he became very angry like the fire blazing during the time of doomsday.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥