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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना
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श्लोक 23
श्लोक
6.100.23
सा वेगिता बलवता रावणेन दुरात्मना।
जज्वाल सुमहातेजा दीप्ताशनिसमप्रभा॥ २३॥
अनुवाद
दुष्ट एवं बलवान रावण के हाथों में पकड़ी हुई वह तीव्र, प्रबल एवं वज्र जैसी शक्ति अपने दिव्य तेज से प्रज्वलित हो उठी॥23॥
That swift, powerful and thunderous power held in the hands of the evil and powerful Ravana burst into flame with its divine brilliance. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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