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श्लोक 6.100.19  |
तत: शक्तिं महाशक्ति: प्रदीप्तामशनीमिव।
विभीषणाय चिक्षेप राक्षसेन्द्र: प्रतापवान्॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| तब उस महान पराक्रमी एवं तेजस्वी राक्षसराज ने विभीषण को मारने के लिए वज्र के समान प्रज्वलित शक्ति का प्रयोग किया ॥19॥ |
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| Then that great powerful and glorious demon king used blazing power like a thunderbolt to kill Vibhishana. 19॥ |
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