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ramayan 6.100.17: तत्पश्चात् विभीषण ने उछलकर अपनी गदा से रावण के सुन्दर पर्वत जैसे घोड़ों को मार डाला, जिनकी चमक नीले बादल के समान थी।   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.100.17 
नीलमेघनिभांश्चास्य सदश्वान् पर्वतोपमान्।
जघानाप्लुत्य गदया रावणस्य विभीषण:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विभीषण ने उछलकर अपनी गदा से रावण के सुन्दर पर्वत जैसे घोड़ों को मार डाला, जिनकी चमक नीले बादल के समान थी।
 
Thereafter Vibhishana jumped up and with his mace killed Ravana's beautiful mountain-like horses whose brilliance was like that of a blue cloud.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)