vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना
»
श्लोक 16
श्लोक
6.100.16
तस्य बाणैश्च चिच्छेद धनुर्गजकरोपमम्।
लक्ष्मणो राक्षसेन्द्रस्य पञ्चभिर्निशितैस्तदा॥ १६॥
अनुवाद
इतना ही नहीं, लक्ष्मण ने पाँच तीखे बाण मारकर राक्षसराज के उस धनुष को भी काट डाला जो हाथी की सूँड़ के समान मोटा था॥16॥
Not only this, Lakshmana also cut the bow of the demon king which was as thick as the trunk of an elephant by shooting five sharp arrows.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×