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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना
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श्लोक 13
श्लोक
6.100.13
एतस्मिन्नन्तरे क्रुद्धो राघवस्यानुजो बली।
लक्ष्मण: सायकान् सप्त जग्राह परवीरहा॥ १३॥
अनुवाद
इसी बीच शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले पराक्रमी रामानुज लक्ष्मण क्रोधित हो उठे और उन्होंने अपने हाथों में सात बाण ले लिये।
Meanwhile the mighty Ramanuja Lakshmana, the slayer of enemy warriors, became enraged and took seven arrows in his hands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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