श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.100.12 
ततो विव्याध गात्रेषु सर्वेषु समितिंजय:।
राघवस्तु सुसंक्रुद्धो रावणं बहुभि: शरै:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विजयी श्री रघुवीर ने अत्यन्त क्रोधित होकर बहुत से बाण चलाकर रावण के शरीर के सब अंगों को घायल कर दिया॥12॥
 
After that, the victorious Shri Raghuveer became very angry and shot many arrows and wounded Ravana in all his body parts. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)