Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.100.11: रावण के विशाल धनुष से छूटे हुए उन दस बाणों से घायल होने पर भी महाबली श्री रघुनाथजी अविचलित रहे॥11॥   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.100.11 
स विद्धो दशभिर्बाणैर्महाकार्मुकनि:सृतै:।
रावणेन महातेजा न प्राकम्पत राघव:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
रावण के विशाल धनुष से छूटे हुए उन दस बाणों से घायल होने पर भी महाबली श्री रघुनाथजी अविचलित रहे॥11॥
 
Even after being wounded by those ten arrows shot from Ravana's huge bow, the mighty Sri Raghunatha remained unperturbed. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)