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ramayan 6.100.10: उस अस्त्र को नष्ट होते देख राक्षसराज रावण ने दस बाणों से भगवान राम के शरीर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर गहरे घाव कर दिए।   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.100.10 
तदस्त्रं तु हतं दृष्ट्वा रावणो राक्षसाधिप:।
विव्याध दशभिर्बाणै रामं सर्वेषु मर्मसु॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उस अस्त्र को नष्ट होते देख राक्षसराज रावण ने दस बाणों से भगवान राम के शरीर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर गहरे घाव कर दिए।
 
Seeing that weapon destroyed, the demon king Ravana inflicted deep wounds on all the vital spots of Lord Rama with ten arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)