Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.10.29: ऐसा कहकर देवताओं की सेना का संहार करने वाले और युद्ध में महान पराक्रम दिखाने वाले महाबली दशानन ने तुरन्त ही अपने वास्तविक भाई विभीषण को विदा किया॥29॥ | ramayan सर्ग 6.10: विभीषण का रावण के महल में जाना, उसे अपशकुनों का भय दिखाकर सीता को लौटा देने के लिये प्रार्थना करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा कहकर देवताओं की सेना का संहार करने वाले और युद्ध में महान पराक्रम दिखाने वाले महाबली दशानन ने तुरन्त ही अपने वास्तविक भाई विभीषण को विदा किया॥29॥
Having said this, the mighty Dashanan, the destroyer of the army of gods and the one who displayed tremendous valor in the battle, immediately bid farewell to his realistic brother Vibhishana. 29॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे दशम: सर्ग: ॥ १ ०॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें दसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ ०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥